पंख नहीं, हौसले भरते हैं उड़ान !

व्हीलचेयर पर सवार तृप्ति चोरड़िया ने रचा इतिहास, नेशनल पैरा बैडमिंटन में जीता कांस्य!

पुणे, कहते हैं कि हौसले के तरकश में अगर कोशिशों का तीर जिंदा हो, तो हार भी जीत में बदल जाती है। पुणे की रहने वाली पैरा-खिलाड़ी तृप्ति चोरड़िया ने इसी बात को सच कर दिखाया है। तेलंगाना के कान्हा शांतिवनम स्थित ‘हार्टफुलनेस गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी’ में आयोजित 7वीं पैरा नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप (2025-26) में तृप्ति ने महिला युगल (Women’s Doubles) वर्ग में कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतकर पूरे महाराष्ट्र का नाम रोशन किया है।

पुलेला गोपीचंद के हाथों पदक मिलना रहा भावुक पल

तृप्ति के लिए यह जीत और भी यादगार बन गई जब भारत के दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद ने उन्हें अपने हाथों से पदक पहनाया। तृप्ति ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि गोपीचंद सर से सम्मान पाना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।

सफलता के पीछे का ‘सपोर्ट सिस्टम’

अपनी इस सफलता का श्रेय तृप्ति ने अपने गुरु और साथियों को दिया है। उन्होंने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी सुरेश कार्की का आभार व्यक्त करते हुए कहा:

“यह पदक मेरे लिए बहुत खास है। सुरेश कार्की ने मुझे बैडमिंटन सिखाने के लिए दिन-रात मेहनत की। उनके बिना मैं आज इस मुकाम पर कभी नहीं पहुँच पाती। वे मेरे सबसे बड़े आधारस्तंभ हैं।”

इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रेम आले, कोच नील सुराणा, सत्यप्रकाश तिवारी और महाराष्ट्र पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन को उनके निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

खबर की मुख्य बातें:

प्रतियोगिता : 7वीं पैरा नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप।

आयोजन : 6 से 10 मार्च 2026, तेलंगाना।

श्रेणी : महिला युगल (व्हीलचेयर कैटेगरी)।

उपलब्धि : कांस्य पदक (Bronze Medal)।

तृप्ति की यह जीत न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि उन हजारों लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपनी शारीरिक सीमाओं को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाना चाहते हैं।

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