प.पू. विनयमुनिजी म. सा. “वागीश” आदी ठाणा को चातुर्मास २०२८ के लिये नाशिक श्रीसंघ की विनंती !
नासिक, सुरत शहरका यशस्वी चातुर्मास संपन्न कर प.पू. विनयमुनिजी म सा “वागीश” ,उपप्रवर्तक प.पू. गौतममुनिजी म.सा. “गुणांकर” आदी संत एवम् प.पू. विरागदर्शनाजी ठाणा ३ का शुभआगमन नाशिक शहरमे जैन कॉन्फरन्स महाराष्ट्र प्रांत चतुर्थ झोन के अध्यक्ष मोहनलालजी लोढा इनके निवासस्थानपर हुआ। उनका भावभरा स्वागत लोढा परिवार और नाशिक श्रीसंघ (आर.के.) ने किया।

शनिवार दि. २८/२/२६ को लोढाजी के निवासस्थान से विहार कर संत एवम साध्वीगण का आरके जैन स्थानकमे शुभआगमन हुआ। रविवार के दिन सुबह प्रार्थना, भक्तामर, प्रवचन, सजोडे जाप, प्रश्नमंच आदी कार्यक्रम संपन्न हुए। सोमवार- लोगस्स जाप की साधना, प्रवचन आदी संपन्न हुआ। मंगलवार 3/3 /२६को सुबह होली चातुर्मास – गुरुदेवके सानिध्य मे श्रीसंघने आयोजित किया था। तप-जप-संयम से यह चातुर्मास संपन्न हुआ। आलोयणा एवम् प्रतिक्रमण की साधना भी संपन्न हुयी। जैन कॉन्फरन्स महाराष्ट्र प्रांत के अध्यक्ष मोहनलालजी लोढा एवम नाशिक श्रीसंघ के संघपति मंगलचंदजी साखला, श्रीसंघ के सेक्रेटरी (प्र.) जे. सी.भंडारीजी, खजिनदार ललितजी मोदी आदी पदाधिकारी एवम् विश्वस्त इन्होने इस चातुर्मास का लाभ लेने का और धर्मप्रभावना बढ़ाने का आवाहन किया था। प्रवचन प्रभावना स्व. कचरीबाई लालचंदजी लोढा द्वारा सौ. लताबाई मोहनलालजी लोढा, सौ.सोनाली मनिषजी लोढा, सौ. सारिका पवनजी लोढा परिवार की ओरसे वितरीत हुयी.
आज की संपन्न हुयी धर्मसभामे पू. गौतममुनीजी महाराजने श्रावणबाल की कथा सुनाई, कथा सुनकर सभी श्रावक भावविभोर हुए. होली का महत्त्व विशद कर उन्होंने राग, द्वेष, मत्सर आदी शत्रूओंको जलाने की बात कही. राजस्थान निवासी श्री. सुराणा को मोहनलालजी लोढा, मोहनलालजी ब्रम्हेचा इनके द्वारा सन्मानित किया गया. नाशिक श्रीसंघकी ओरसे प. पू. विनयमुनिजी म. सा. के सामने सन २०२८ के चातुर्मास की विनंती रखी गयी. विनंती के अवसर पर श्रीसंघके प्रशासन सेक्रेटरी जे. सी. भंडारीजी, धार्मिक सेक्रेटरी विनोदजी बेदमुथा, जैन कॉन्फरन्स महाराष्ट्र प्रांत के अध्यक्ष मोहनलालजी लोढा, विश्वस्त विजयजी बेदमुथा, रविंद्रजी चोपडा, धनालालजी बंब, चंद्रकांतजी पारख,निलेशजी भंडारी, आदी मान्यवर उपस्थित थे. सभी उपस्थित श्रावक -श्राविकाओंने मिलकर गुरूदेव के सामने चातुर्मास की विनंती रखी.
होली चातुर्मास के कार्यक्रम का संचालन जे.सी. भंडारीजीने किया